मुंगेली न्यूज़ - जिले में नवीन कानूनों के क्रियान्वयन हेतु समीक्षा बैठक : ई-गवाही व ऑनलाइन एफआईआर सहित नवीन कानून के प्रति अद्यतन रहने दिया गया जोर
Chief Editor - Digvendra Kumar Gupta / Thu, Jun 5, 2025 / Post views : 187
जिला जनसंपर्क कार्यालय मुंगेली (छ.ग.)
समाचार
जिले में नवीन कानूनों के क्रियान्वयन हेतु समीक्षा बैठक संपन्न
ई-गवाही व ऑनलाइन एफआईआर सहित नवीन कानून के प्रति अद्यतन रहने दिया गया जोर
मुंगेली, 05 जून 2025// जिले में तीन मुख्य नए कानून भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में जिला कलेक्टोरेट स्थित मनियारी सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल ने नए कानूनों के उद्देश्यों, प्रक्रियाओं और तकनीकी ढांचे पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि इन कानूनों का मूल उद्देश्य प्रत्येक आपराधिक प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। इसके लिए पुलिस विभाग पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि नवीन कानूनों की समुचित जानकारी रखें तथा समय-समय पर स्वयं को अद्यतन करते रहें।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़ते हुए जिले में ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया से आमजनों को त्वरित न्याय प्रक्रिया में सहूलियत मिलेगी। संवेदनशील मामलों में निष्पक्ष और गहन जांच करते हुए दोषियों को दंडित करने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएं ताकि दोषमुक्ति की संभावना न्यूनतम हो। उन्होंने जेल, न्यायालय, स्वास्थ्य और बैंक सहित विभिन्न शासकीय कार्यालयों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा सुनिश्चित करने की बात कही। साथ ही गंभीर अपराधों में फॉरेंसिक स्तर पर हर चरण में जांच सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। अतिरिक्त कलेक्टर श्रीमती निष्ठा पांडेय तिवारी ने कहा कि इन कानूनों का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया में गवाही को सुलभ बनाना और गवाही की स्थगन की स्थिति को कम करना है। उन्होंने नवीन कानून के प्रति जागरूक रहने प्रेरित किया। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रभाकर पांडेय ने कहा कि नवीन कानून न्याय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तेज और तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बैठक में ई-साक्ष्य, ई-समन, विवेचकों के पंजीयन, गंभीर अपराधों में फॉरेंसिक जांच की अनिवार्यता, तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से न्यायालयीन कार्यवाही को सुगम बनाने जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया गया। इस दौरान उपसंचालक अभियोजन श्रीमती पी. के. भगत, लोक अभियोजक मुंगेली श्री रजनीकांत सिंह ठाकुर, सी.एम.एच.ओ. श्री प्रभात चंद्र प्रभाकर सहित संबंधित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
क्रमांक//06-19// सुजीत कुमार सिंह//चंद्राकर// फोटो 04 से 06
Chief Editor - Digvendra Kumar Gupta
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