कवर्धा पांडातराई- पांडातराई थाना क्षेत्र के गांव में घटित एक नाबालिग : 24 घंटे में अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाई: कबीरधाम पुलिस की तत्परता और पेशेवर जांच ने किया जघन्य अपराध का खुलासा
Chief Editor - Digvendra Kumar Gupta / Thu, Jul 17, 2025 / Post views : 441
कबीरधाम पुलिस
दिनांक 17-07-2025
24 घंटे में अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाई: कबीरधाम पुलिस की तत्परता और पेशेवर जांच ने किया जघन्य अपराध का खुलासा
पांडातराई थाना क्षेत्र के गांव में घटित एक नाबालिग बालिका की नृशंस हत्या की गुत्थी को कबीरधाम पुलिस ने मात्र 24 घंटे में सुलझा लिया है। सुनसान घर में खून से सनी लाश मिलने की खबर से पूरे गांव और क्षेत्र में दहशत फैल गई थी। यह एक अंधा कत्ल था, जिसमें शुरूआती तौर पर कोई ठोस सुराग नहीं था, परंतु पुलिस की तेज़, सतर्क और संगठित जांच ने इस जघन्य कृत्य के दोषी को बेनकाब कर दिया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए कबीरधाम के पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह स्वयं मौके पर पहुंचे और घटना स्थल का निरीक्षण कर जांच टीमों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। एफएसएल यूनिट, डॉग स्क्वाड और तकनीकी विश्लेषण इकाई को तत्काल सक्रिय किया गया, वहीं स्थानीय पुलिस बल को हर संभावित पहलू पर काम करने के निर्देश दिए गए।
पुलिस की जांच में सामने आया कि हत्या गांव के ही राजीव घृतलहरे (पिता भगवाली, उम्र 35 वर्ष) द्वारा की गई। आरोपी का पीड़िता के पिता से लंबे समय से भूमि विवाद चला आ रहा था, लेकिन इसके अतिरिक्त वह नाबालिग बालिका पर पूर्व से ही गंदी नजर रखता था। जांच में यह बात भी उजागर हुई कि आरोपी अक्सर बहाने से आसपास मंडराता था और बालिका की गतिविधियों पर नजर रखता था।
घटना वाले दिन उसने यह सुनिश्चित किया कि बालिका घर में अकेली है। जब उसे यकीन हो गया कि उसके परिवार के सदस्य घर पर नहीं हैं, तो वह भीतर घुसा। उसने बालिका के साथ जबरन दुष्कर्म का प्रयास किया, लेकिन विरोध और भागने पर उसने उसे खींचकर कोठार के पास गयी और वहां रखे सब्बल से बालिका की हत्या कर दी।
घटना के बाद जिला पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए चारों दिशाओं में नाकेबंदी कर दी और संभावित संदिग्धों की तलाश शुरू की। पूछताछ और साक्ष्यों के विश्लेषण के दौरान आरोपी की पहचान हुई और उसे हिरासत में लिया गया। गहन पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसके मेमोरेंडम कथन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर थाना पांडातराई में अपराध क्रमांक 106/2025, धारा 103(2), 332(1) बीएनएस और धारा 8 पोक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
इस पूरे प्रकरण में पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेन्द्र बघेल एवं पंकज पटेल के मार्गदर्शन में sdop बोडला अखिलेश कौशिक एवं sdop पंडरिया भूपत सिंह धनेश्री के पर्यवेक्षण में जिला पुलिस द्वारा दिखाई गई त्वरित कार्रवाई, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण सराहनीय है। महज़ 24 घंटे के भीतर आरोपी की गिरफ्तारी और पूरे मामले का पर्दाफाश यह दर्शाता है कि कबीरधाम पुलिस कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों को बख्शने के मूड में नहीं है।
यह मामला समाज के लिए भी एक चेतावनी है कि कोई भी व्यक्ति कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश न करे। यदि किसी को किसी पर संदेह या जानकारी हो, तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में यह पुलिस की एक निर्णायक और संवेदनशील पहल है, जिससे समाज में कानून के प्रति विश्वास और मजबूत होगा। आरोपी की गिरफ़्तारी में थाना प्रभारी निरीक्षक कमलाकांत शुक्ला, साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक मनीष मिश्रा, थाना कुंडा प्रभारी निरीक्षक महेश प्रधान, ASI रघुवंश पाटिल, रूपेंद्र सिंह, संजीव तिवारी, प्रधान आरक्षक चुम्मन साहू अभिनव तिवारी आरक्षक गज्जू राजपूत, मनीष सिंह मार्तंड चंद्रवंशी, छोटेलाल यादव, महिला आरक्षक अंजलि बर्मा, की विशेष भूमिका रही
Chief Editor - Digvendra Kumar Gupta
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