जांजगीर चाम्पा - कलेक्टर श्री महोबे ने बाल विवाह रोकने जनप्रतिनिधियों, : कलेक्टर श्री महोबे ने बाल विवाह रोकने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवी संस्थाओं और आमजनों से की अपील
Bureau Chief- Digvendra Kumar Gupta / Mon, Mar 23, 2026 / Post views : 44
समाचार
कलेक्टर श्री महोबे ने बाल विवाह रोकने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवी संस्थाओं और आमजनों से की अपील
जांजगीर-चांपा 23 मार्च 2026/ कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने जिले के सभी जनप्रतिनिधियो, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं स्वयं सेवी संस्थाओं से आग्रह किया है कि जिले में रामनवमी/अक्षय तृतीया के अवसर पर शहरी व ग्रामीण स्तर पर अधिकतर देखा जाता है कि अशिक्षा एवं भ्रांतियों के चलते बाल विवाह कराया जाता है। बाल विवाह जैसी कुप्रथा को उखाड़ फेकने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में हर सभव प्रयास करे बाल विवाह एक सामाजिक कुप्रथा है जिसे कानूनी रूप से भी निषेध किया गया है। जो प्रदेश व समाज के हित में नहीं है।
बाल विवाह कानूनी अपराध ही नहीं बल्कि सामाजिक अभिशाप भी है बाल विवाह के गंभीर दुष्परिणाम न केवल बच्चो को बल्कि पूरे परिवार व समाज को भुगतने पडते है। बाल विवाह बच्चों के अधिकार का उल्लंघन है बाल विवाह से बच्चों को पूर्ण और परिपक्व व्यक्ति के रूप में विकसित होने का अधिकारी, अच्छा स्वास्थ्य, पोषण व शिक्षा पाने और हिसा व शोषण से बचाव के मूलभूत अधिकारों का हनन होता है। कम उम्र में विवाह से बालिका का शारीरिक विकास रुक जाता है। गंभीर संक्रामक यौन बिमारियों की चपेट में आने का खतरा बढ़ जाता है और उनके स्वास्थ्य पर गभीर असर पढ़ता है। जल्दी विवाह अर्थात जल्दी मां बनने के कारण कम उम्र की मां और उसके बच्चे दोनों को जान का खतरा हो सकता है। कम उम्र में प्रसव होने पर नवजात शिशुओं का वजन कम रह जाता है। साथ ही उनको कुपोषण व खून की कमी की आशंका ज्यादा रहती है। ऐसे प्रसव में शिशु मृत्यु दर एवं प्रसूता मृत्युदर ज्यादा पायी जाती है। बाल विवाह की वजह से बहुत सारे बच्चे अनपढ़ और अकुशल रह जाते है। जिससे उनके सामने अच्छे रोजगार पाने व बड़े होने पर आत्मनिर्भर होने की ज्यादा संभ
Bureau Chief- Digvendra Kumar Gupta
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