जांजगीर चाम्पा -ग्राम जाटा के किसान श्री दुलार सिंह बने आत्मनिर्भरता क : मनरेगा से दुलार सिंह के यहां हुआ डबरी विकास, जल संरक्षण और आजीविका का सशक्त माध्यम
Chief Editor - Digvendra Kumar Gupta / Mon, Oct 6, 2025 / Post views : 207
समाचार
मनरेगा से दुलार सिंह के यहां हुआ डबरी विकास, जल संरक्षण और आजीविका का सशक्त माध्यम
ग्राम जाटा के किसान श्री दुलार सिंह बने आत्मनिर्भरता के प्रतीक
जांजगीर-चांपा, 6 अक्टूबर 2025/ ग्रामीण जीवन का आधार सदैव कृषि और पशुपालन रहा है, परंतु इन दोनों ही कार्यों की आत्मा है जल। यदि जल की व्यवस्था सुदृढ़ हो जाए तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था स्वयं सशक्त हो जाती है। इसी सोच को साकार रूप दिया है ग्राम पंचायत जाटा के ग्राम बहेराडीह निवासी किसान श्री दुलार सिंह ने, जिन्होंने मनरेगा योजना के माध्यम से अपनी भूमि पर डबरी निर्माण कर आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम की है।
डबरी निर्माण होने से पूर्व श्री दुलार सिंह को अपने खेतों की सिंचाई हेतु जल की कमी रहती थी, जिससे सीमित फसल ही ले पाते थे। इसके अलावा बतख पालन, मछली पालन एवं धान की खेती की सिंचाई करने के लिए हमेशा पानी की कमी को महसूस करते आ रहे थे, ऐसे में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के माध्यम से ग्राम पंचायत जाटा में श्री दुलार सिंह के खेत पर डबरी निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत ग्राम जाटा के किसान श्री दुलार सिंह द्वारा अपनी निजी भूमि पर डबरी निर्माण कार्य कराया गया। इस कार्य के लिए 2.14 लाख की प्रशासकीय राशि स्वीकृत की गई इसका कार्य प्रारंभ हुआ और जून 2024 को पूर्ण हुआ। इसमें कुल 380 मानव दिवसों के सृजन से 37 श्रमिक परिवारों को 92,577 की मजदूरी प्राप्त हुई। इससे न केवल रोजगार सृजन हुआ बल्कि जल संरक्षण और कृषि उत्पादन में भी वृद्धि हुई। अब डबरी में वर्षा जल का संचयन होने से वर्षभर खेतों की सिंचाई सुचारू रूप से हो रही है। इसके साथ ही उन्होंने मत्स्य पालन एवं पशुपालन शुरू किया, जिससे अतिरिक्त आमदनी का स्रोत भी बना।
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Chief Editor - Digvendra Kumar Gupta
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