जांजगीर-चांपा - पैरा आर्ट से महिला क्लस्टर संगठन की दीदियों को मिला आज : बिहान से मिली उड़ान, पैरा आर्ट से बढ़ी पहचान गृहिणी से उद्यमी तक श्रीमती ललिता जाटवार बनीं आत्मनिर्भर
Bureau Chief- Digvendra Kumar Gupta / Fri, Mar 20, 2026 / Post views : 56
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बिहान से मिली उड़ान, पैरा आर्ट से बढ़ी पहचान
गृहिणी से उद्यमी तक श्रीमती ललिता जाटवार बनीं आत्मनिर्भर
पैरा आर्ट से महिला क्लस्टर संगठन की दीदियों को मिला आजीविका
जांजगीर-चांपा 20 मार्च 2026/ ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) आज जिले में बदलाव की एक सशक्त कहानी लिख रहा है। इस योजना के माध्यम से न केवल महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर मिल रहे हैं, बल्कि उन्हें अपने हुनर को पहचानने और आय के स्रोत में बढ़ाने में मदद मिल रही है। स्व-सहायता समूहों के जरिए महिलाएं अब आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं और अपने परिवार के साथ-साथ समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड के ग्राम बरभांठा की श्रीमती ललिता जाटवार की कहानी सामने आती है, जिन्होंने बिहान से जुड़कर पैरा आर्ट के माध्यम से अपनी एक नई पहचान बनाई है। श्रीमती ललिता जाटवार की कहानी आज ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है। कभी केवल एक गृहिणी के रूप में जीवन व्यतीत करने वाली ललिता आज अपनी मेहनत और हुनर के दम पर आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। श्रीमती ललिता जाटवार बताती हैं कि पहले उनके पास कोई स्थायी आय का स्रोत नहीं था। घर की जिम्मेदारियों तक ही उनका जीवन सीमित था।
लेकिन जब वे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत भारतीय महिला क्लस्टर संगठन, सेमरा से जुड़ीं, तब उनके जीवन में एक नया मोड़ आया। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें “पैरा आर्ट” का प्रशिक्षण मिला। इस कला के माध्यम से वे पैरा (धान के अवशेष) से सुंदर और आकर्षक सजावटी चित्र कलाकृति बनाने लगीं जिसमें महापुरूषों, नदी, पहाड़, झरने साहित विभिन्न कलाकृतियां। उनकी बनाई हुई आकृतियां न केवल देखने
Bureau Chief- Digvendra Kumar Gupta
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