: आसमान से ज़मीन पर उतारा पहला स्वदेशी हॉस्पिटल; आपातकाल में होंगे प्रयोग
Admin / Sun, May 19, 2024 / Post views : 176
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May 19, 2024 लोक सेवा न्यूज़ 24 सवांददाता - दिग्वेंद्र गुप्ता
IAF BHISHM: भारतीय वायु सेना ने बीते मंगलवार को इतिहास रच दिया है। आगरा के मलपुरा ड्रॉपिंग जोन में संयुक्त टीम ने बैटल फील्ड हेल्थ इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर मेडिकल सर्विसेज (BHISHM) पोर्टेबल अस्पताल का सफल परीक्षण किया। मौसमी आपदा हो या फिर युद्ध का मैदान, अब किसी भी दशा में लोगों को तुरंत उपचार मुहैया कराकर बचाई जा सकेंगी जिंदगी।
फोटो:- पोर्टेबल हॉस्पिटल
BHISHM प्रोजेक्ट को रक्षा, स्वास्थ्य मंत्रालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (National Security Council) की टीम ने संयुक्त रूप से विकसित किया है। विमान से 1500 फीट से अधिक की दूरी से पोर्टेबल अस्पताल को दो पैराशूट के समूह से जमीन पर उतारा गया।
क्यूबनुमा अस्पताल (cube like hospital) महज 12 मिनट में बनकर तैयार हो गया। यह वाटरप्रूफ और बेहद हल्का है। इसमें एक साथ 200 लोगों का इलाज किया जा सकता है। यह पहला स्वदेशी पोर्टेबल अस्पताल है। इसे ड्रोन की मदद से कहीं ले भी जा सकते हैं। इस अस्पताल को वायु, भूमि या फिर समुद्र में तैयार किया जा सकता है।
हवाई वितरण अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (ADRDE) की टीम ने पैराशूट विकसित किए हैं। इसको कहीं पर भी उतारने में दो पैराशूट का प्रयोग किया जाता है।
अयोध्या और G-20 में भी था BHISHMA:-
अयोध्या में श्रीराम लला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भी भीष्म प्रोजेक्ट (BHISHM Unit) की यूनिट को लगाया गया था। इसके साथ डॉक्टरों की टीम को भी तैनात किया गया था। सितंबर 2023 में दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित G-20 शिखर सम्मेलन के दौरान भी इसका प्रदर्शन किया गया था।
आसमान से ज़मीन पर उतारा पहला स्वदेशी हॉस्पिटल; आपातकाल में होंगे प्रयोग
May 19, 2024 लोक सेवा न्यूज़ 24 सवांददाता - दिग्वेंद्र गुप्ता
IAF BHISHM: भारतीय वायु सेना ने बीते मंगलवार को इतिहास रच दिया है। आगरा के मलपुरा ड्रॉपिंग जोन में संयुक्त टीम ने बैटल फील्ड हेल्थ इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर मेडिकल सर्विसेज (BHISHM) पोर्टेबल अस्पताल का सफल परीक्षण किया। मौसमी आपदा हो या फिर युद्ध का मैदान, अब किसी भी दशा में लोगों को तुरंत उपचार मुहैया कराकर बचाई जा सकेंगी जिंदगी।
फोटो:- पोर्टेबल हॉस्पिटल
BHISHM प्रोजेक्ट को रक्षा, स्वास्थ्य मंत्रालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (National Security Council) की टीम ने संयुक्त रूप से विकसित किया है। विमान से 1500 फीट से अधिक की दूरी से पोर्टेबल अस्पताल को दो पैराशूट के समूह से जमीन पर उतारा गया।
क्यूबनुमा अस्पताल (cube like hospital) महज 12 मिनट में बनकर तैयार हो गया। यह वाटरप्रूफ और बेहद हल्का है। इसमें एक साथ 200 लोगों का इलाज किया जा सकता है। यह पहला स्वदेशी पोर्टेबल अस्पताल है। इसे ड्रोन की मदद से कहीं ले भी जा सकते हैं। इस अस्पताल को वायु, भूमि या फिर समुद्र में तैयार किया जा सकता है।
हवाई वितरण अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (ADRDE) की टीम ने पैराशूट विकसित किए हैं। इसको कहीं पर भी उतारने में दो पैराशूट का प्रयोग किया जाता है।
ऑपरेशन थियेटर, वेंटिलेटर के साथ ये सुविधाएं:-
भीष्म पोर्टेबल अस्पताल 36 क्यूब्स में तैयार किया गया है। इसे बनाने में लगभग 1.50 करोड़ रुपये की लागत आई है। इसे X-Ray , Operation Theatre, Blood Test, Ventilator की सुविधा के साथ महज 8 मिनट में शुरू किया जा सकता है। इसमें गोली लगने, जलन, रीढ़ की हड्डी, सिर, और छाती की चोटें, फ्रैक्चर और प्रमुख रक्तस्राव सहित चोटों के इलाज की सुविधा रहेगी। आपदा के दौरान आम लोग भी इन बॉक्स को खोलकर जरूरी दवाएं और उपचार ले सकते हैं।कई बार प्रयोग में काया जा सकता है:-
BHISHM में मास्टर क्यूब केज (Master Cube Cage) के 2 सेट होते हैं। यह क्यूब बहुत मजबूत होने के साथ हल्के होते हैं। प्रत्येक केज में 36 मिनी क्यूब होते हैं। इस अस्पताल को कई बार प्रयोग में लाया जा सकता है। इसकी पैकिंग ऐसी की जाती है कि भूमि पर गिरने के बाद खुलने में कोई दिक्कत न आए।अयोध्या और G-20 में भी था BHISHMA:-
अयोध्या में श्रीराम लला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भी भीष्म प्रोजेक्ट (BHISHM Unit) की यूनिट को लगाया गया था। इसके साथ डॉक्टरों की टीम को भी तैनात किया गया था। सितंबर 2023 में दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित G-20 शिखर सम्मेलन के दौरान भी इसका प्रदर्शन किया गया था।
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