कवर्धा - सुध्धू बैगा के लिए शासकीय योजनाएं बनी सम्मान और सुरक्षा का पर : प्रधानमंत्री आवास से मिली अपार खुशियां, बदल गया सुध्धू बैगा का जीवन
Chief Editor - Digvendra Kumar Gupta / Wed, Aug 20, 2025 / Post views : 161
प्रधानमंत्री आवास से मिली अपार खुशियां, बदल गया सुध्धू बैगा का जीवन
वनांचल एवं दुर्गम स्थान में रहने वाले सुध्धू बैगा के सपने जनमन आवास ने किये पूरे
सुध्धू बैगा के लिए शासकीय योजनाएं बनी सम्मान और सुरक्षा का पर्याय
कवर्धा, 20 अगस्त 2025। केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार की योजनांओ का लाभ अब सुदूर वनांचल, दुर्गम, पहाड़ी क्षेत्रों और समाज के अंतिम पंक्ति में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा बाइुल्य बसाहटों तक पहुँच रही है। जिसकी बानगी कबीरधाम जिले के विकासखंड बोड़ला के वनांचल ग्राम कोयलारी, ग्राम पंचायत चेन्द्रादादर के निवासी श्री सुध्धू बैगा (पिता श्री महरू बैगा) में देखने को मिलती है, जो विशेष पिछड़ी जनजाति ’बैगा’ समुदाय से आते हैं। सुध्धू बैगा अपने परिवार के साथ कच्चे मकान नुमा झोपड़ी में निवास करते थे। इनका सपना था स्वयं का पक्का मकान हो, परन्तु यह सपना सिर्फ एक सपना बन कर रहा जाता यदि हितग्राही सुध्धू बैगा को प्रधानमंत्री जनमन योजना का सहारा नहीं मिलता। क्योकि मजदूरी ही परिवार के भरण पोषण करने का एकमात्र जरिया है। ऐसे स्थिति में पक्के आवास का सपना देख उसे पूरा कर पाना किसी चुनौती से कम नहीं था।
हितग्राही श्री सुध्धू बैगा की जुबानी
हितग्राही श्री सुध्धू बैगा बताते है कि पहले टूटा-फूटा झोपड़ी-नुमा कच्चा घर था, जो बरसात में चारो तरफ से पानी टपकते रहने के साथ सीलन में हम रहने को मजबूर थे। रात के अंधेरे में जंगली जानवर के खतरे के अलावा बरसात के दिनों में सांप-बिच्छु का डर बना रहता था। किसी अनहोनी के खतरे में मेरा परिवार जीवन जीने को विवश था। परन्तु प्रधानमंत्री जनमन योजना में आवास की पात्रता सूची में नाम आने से मेरा परिवार खुशी से झूम उठा। ग्राम सभा द्वारा वर्ष 2023-24 में आवास की स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृति के साथ ही पहले किश्त की राशि 40 हजार बैंक खातें में ऑनलाईन डी.बी.टी के माध्यम से आ गया।जैसे ही आवास निर्माण का कार्य प्रारंभ हुआ बैंक खाते में प्रगति के आधार पर द्वितीय किश्त की राशि 60 हजार,तृतीय किश्त की राशि 80 हजार एवं आवास पूर्ण होने के उपरांत अंतिम किश्त की राशि 20 हजार रूपए खातें में आ गया।इस तरह देखते ही देखते पक्का घर बनकर तैयार हो गया सरकार की सहायता से।
सुध्धू बैगा के परिवार को अन्य शासकीय योजनाओं से मिल रहे हैं लाभ पर एक नजर...
सुध्धू बैगा अपने पुराने दिनों को याद कर बताते हैं कि झोपडी में रहने के दौरान चिंता, तनाव और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। आज मैं अपने परिवार के साथ पक्के मकान में बहुत खुशहाली से जीवन यापन कर रहा हूं। मुझे आवास के साथ-साथ महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत 95 मानव दिवस का रोजगार अपना आवास बनाने में मिल गया जिसका मजदूरी भुगतान प्रति दिवस 243 रुपए के दर से कुल 23085 रूपये बैंक में प्राप्त हुआ। पीने का शुद्ध पानी नल-जल योजना से मिलने की व्यवस्था हो गई है। किसान सम्मान निधि से न्यूनतम आय के रूप में सहायता राशि, स्वच्छ भारत मिशन से शौचालय, बीमारीयो में ईलाज के लिए आयुष्मान कार्ड की सुविधा मिल रही है। आधार कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, श्रमकार्ड, जनधन खाता, खाद्यान योजना से राशन सामाग्री का लाभ भी परिवार को मिल रहा है। राज्य शासन की महतारी वंदन योजना से मेरी पत्नी सतली बाई बैगा को प्रतिमाह 1000 रूपये के मान से 16 हजार रूपये अब तक मिल चुका है। इस राशि का उपयोग घर और दैनिक उपयोग की जरूरतों को पूरा करने के लिए कर रहे है। अब परिवार का जीवन पहले से सरल और सहेज हो गया है। मै अपने परिवार के साथ खुशी-खुशी जीवन यापन कर रहा हु जिसके लिए केन्द्र एवं राज्य के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का धन्यवाद और अभार व्यक्त करता हू।
Chief Editor - Digvendra Kumar Gupta
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