जांजगीर चाम्पा - मेहनत, विश्वास और समूह के सहयोग से बनी लखपति दीदी : संघर्ष से सफलता तक: सविता कर्ष की लखपति दीदी बनने की कहानी
Chief Editor - Digvendra Kumar Gupta / Fri, Mar 6, 2026 / Post views : 174
समाचार
संघर्ष से सफलता तक: सविता कर्ष की लखपति दीदी बनने की कहानी
मेहनत, विश्वास और समूह के सहयोग से बनी लखपति दीदी
जांजगीर-चांपा 6 मार्च 2026। जिले के विकासखंड नवागढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत केरा की निवासी श्रीमती सविता कर्ष की, जिन्होंने मेहनत, आत्मविश्वास और स्व-सहायता समूह के सहयोग से आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है। श्रीमती सविता कर्ष वर्ष 1 जनवरी 2013 को गठित तुलसी महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ीं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें न केवल नई सोच और अवसर मिले, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने का संकल्प भी मजबूत हुआ।
श्रीमती सविता कर्ष ने बताया कि उनकेे समूह को कुल 2 लाख रूपए की राशि बैंक से ऋण प्राप्त हुआ था। जिसमें से समूह के द्वारा 42000 रूपए की राशि मुझे व्यक्तिगत रूप से उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा ओएसएफ से 25600 की राशि, सीआईएफ से 22300 की राशि एवं स्वसहायता समूह द्वारा 12000 रूपए की राशि प्राप्त हुई। इस राशि का सदुपयोग करते हुए उन्होंने अपने गांव में कपड़ों की दुकान शुरू की। शुरुआत में यह व्यवसाय छोटे स्तर पर था, लेकिन उनके परिश्रम और लगन ने धीरे-धीरे इसे क्षेत्र में पहचान दिलाई। आज उनकी दुकान “श्रृंगार सदन” के नाम से जानी जाती है। लगातार मेहनत और ग्राहकों के विश्वास के कारण उनका व्यवसाय निरंतर आगे बढ़ता गया। वर्तमान में सविता कर्ष की मासिक आय लगभग 25 हजार रुपये है और वे प्रतिवर्ष करीब 3 लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। इस आय से वे अपने परिवार की जरूरतें पूरी करने के साथ-साथ बच्चों की शिक्षा और घर की जिम्मेदारियों को भी बेहतर तरीके से निभा रही हैं।
श्रीमती सविता कर्ष की यह सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह संदेश भी है कि यदि महिलाएं संगठित होकर आत्मविश्वास और मेहनत के साथ आगे बढ़ें, तो वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकती हैं। आज श्रीमती सविता
Chief Editor - Digvendra Kumar Gupta
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