छत्तीसगढ़ - चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा तिथि पर लगता है। ग्रहण के दौरान : फाल्गुन पूर्णिमा के दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने वाला है। यह ग्रहण भारत समेत विश्व के कई देशों में दिखाई देगा।
Bureau Chief- Digvendra Kumar Gupta / Tue, Mar 3, 2026 / Post views : 151
सनातन धर्म में चंद्र ग्रहण का खास महत्व है। चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा तिथि पर लगता है। ग्रहण के दौरान मायावी ग्रह राहु और केतु का प्रभाव बढ़ जाता है। इसके लिए ज्योतिष ग्रहण के समय शुभ काम न करने की सलाह देते हैं। इसके साथ ही खानपान से भी परहेज करना चाहिए। वहीं, ग्रहण के दौरान नकारात्मक शक्तियों से बचाव के लिए भगवान शिव और विष्णु जी के नामों का जप करना चाहिए।
ज्योतिषियों की मानें तो फाल्गुन पूर्णिमा के दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने वाला है। यह ग्रहण भारत समेत विश्व के कई देशों में दिखाई देगा। इसके लिए सूतक भी मान्य होगा। फाल्गुन पूर्णिमा पर लगने वाला चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देने के चलते होलिका दहन और होली की तिथि में भी बदलाव हो सकता है। आइए, चंद्र ग्रहण और सूतक का सही समय जानते हैं।
साल का पहला चंद्र ग्रहण मंगलवार 03 मार्च को लगेगा। यह भारत में दिखाई देगा। इसके लिए सूतक भी मान्य होगा। चंद्र ग्रहण के दिन सूतक सुबह 09 बजकर 39 मिनट पर शुरू होगा। वहीं, शाम 06 बजकर 46 मिनट पर चंद्र ग्रहण और सूतक समाप्त होगा। सामान्य जनों के लिए सूतक सुबह 09 बजकर 39 मिनट से है। वहीं, वृद्ध, बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के लिए सूतक दोपहर 03 बजकर 28 मिनट से शुरू होगा। वहीं, सूतक का समापन शाम 06 बजकर 46 मिनट पर होगा।
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, मंगलवार 03 मार्च को चंद्र ग्रहण भारतीय समयानुसार दोपहर 03 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगा। वहीं, चंद्र ग्रहण शाम 06 बजकर 26 मिनट से लेकर शाम 06 बजकर 46 मिनट तक दिखाई देगा। कुल मिलाकर कहें तो भारत में चंद्र ग्रहण 20 मिनट तक दिखाई देगा।
ग्रहण समय
चंद्र ग्रहण की शुरुआत- दोपहर 03 बजकर 20 मिनट पर
पूर्ण चंद्र ग्रहण- शाम 05 बजकर 04 मिनट पर
चंद्र ग्रहण का समापन- शाम 06 बजकर 46 मिनट पर
साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण सबसे बड़ा रहने वाला है। इस दिन चांद लाल रंग में दिखाई देगा। इसके लिए इसे ब्लड मून भी कहा जाएगा। जानकारों की मानें तो सूर्य और चंद्रमा के मध्य में पृथ्वी के आ जाने पर चंद्र ग्रहण लगता है। इस दौरान सूर्य की किरणें या रोशनी वायुमंडल से परावर्तित होकर चंद्रमा पर पड़ती है। अन्य किरणें वायुमंडल में विखर जाती हैं। वहीं केवल लाल रंग की रोशनी चंद्रमा पर पड़ती है। इसे ब्लड मून कहा जाता है।
Bureau Chief- Digvendra Kumar Gupta
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